बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 करोड़ की घोषणा, ‘प्रोजेक्ट सरल’ और ‘प्रोजेक्ट गोल्डन आवर’ का भी शुभारंभ
रायपुर (Economy India): छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रोजेक्ट ‘सहारा‘ के तहत 1,739 दिव्यांगजनों को ₹3.58 करोड़ मूल्य के आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी विकसित और संवेदनशील समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं और राज्य सरकार उनके सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘दिव्यांग’ शब्द देकर बदली सोच
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल योजनाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव भी दिया। यह परिवर्तन केवल शब्दों का नहीं बल्कि समाज की सोच और दृष्टिकोण का परिवर्तन है।
उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों का जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
1,739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर जिले में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाकर 1,600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस पहल के लिए भारत सरकार से ₹3.58 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में 500 से 600 हितग्राहियों को उपकरण दिए जा चुके हैं, जबकि वर्तमान कार्यक्रम में 1,000 से अधिक लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम हाथ-पैर, हियरिंग एड, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक और अन्य आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 1,739 दिव्यांगजन प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के माध्यम से लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का माध्यम हैं।
जुनेजा इंडोर स्टेडियम के लिए ₹7 करोड़
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 करोड़ देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अधोसंरचना केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं बल्कि सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए भी आवश्यक है।
सावन के प्रथम सोमवार पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने सावन माह के प्रथम सोमवार पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से राज्य की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, करुणा और मानवता का संदेश देती है तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

सरकार की योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्पों को धरातल पर उतारा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 29 किश्तों में ₹18,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
प्रमुख बिंदु
- ₹3.58 करोड़ के सहायक उपकरण वितरित
- 1,739 दिव्यांगजन लाभान्वित
- जुनेजा इंडोर स्टेडियम के लिए ₹7 करोड़
- प्रोजेक्ट ‘सरल’ और ‘गोल्डन आवर’ का शुभारंभ
- सेवा सेतु ऐप से 500+ सरकारी सेवाएं
- महतारी वंदन योजना में ₹18,000 करोड़ से अधिक का भुगतान
डिजिटल सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन को तकनीक से जोड़ रही है। ‘सेवा सेतु’ ऐप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं नागरिकों को घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे शिकायत दर्ज कराने और समयबद्ध समाधान की सुविधा भी उपलब्ध है।
नए नवाचारों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रोजेक्ट सरल एवं प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ किया तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।
उन्होंने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट धड़कन, सुरक्षा, रेडक्रॉस, दधीचि, जिंदगी मुस्कुराएगी, निःक्षय मित्र और वंदन जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि ये संवेदनशील और जनकेंद्रित प्रशासन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
मंत्रियों ने भी रखे विचार
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘सहारा’ केवल उपकरण वितरण नहीं बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक समावेशन का अभियान है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है ताकि वे सम्मानजनक रोजगार से जुड़ सकें।

स्टॉलों का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं और नवाचारों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, प्रमुख सचिव समाज कल्याण शहला निगार, संभागायुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
(Economy India)







