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डॉलर के मुकाबले रुपया 90.66 पर स्थिर, शेयर बाजार की तेजी और डॉलर की मजबूती के बीच संतुलन

by Economy India
February 16, 2026
Reading Time: 2 mins read
डॉलर के मुकाबले रुपया 90.66 पर स्थिर, शेयर बाजार की तेजी और डॉलर की मजबूती के बीच संतुलन

डॉलर के मुकाबले रुपया 90.66 पर स्थिर, शेयर बाजार की तेजी और डॉलर की मजबूती के बीच संतुलन

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मुंबई (Economy India): अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर रुख के साथ 90.66 (अस्थायी) पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में रुपये की चाल सीमित दायरे में बनी रही। घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती से जहां रुपये को समर्थन मिला, वहीं वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी ने इसकी तेजी को संतुलित कर दिया।

दिनभर कैसी रही रुपये की चाल

फॉरेक्स बाजार में रुपया सपाट शुरुआत के बाद सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। कारोबारियों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू इक्विटी बाजार में खरीदारी से रुपये को सहारा मिला। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की निकासी के कारण रुपये में बड़ी बढ़त नहीं दिखी।

विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों पर ज्यादा निर्भर हैं, खासकर अमेरिका से जुड़े आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की नीतियों को लेकर।

डॉलर क्यों बना हुआ है मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका से आ रहे अपेक्षाकृत बेहतर आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की संभावना मानी जा रही है। मजबूत डॉलर का असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर पड़ता है, जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक डॉलर में कमजोरी के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक रुपये की मजबूती सीमित रह सकती है।

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Crude Oil Futures Rise on Firm Spot Demand; MCX Prices Gain Rs 82 per Barrel

कच्चे तेल की कीमतों से मिला समर्थन

भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट या स्थिरता रुपये के लिए सकारात्मक मानी जाती है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं देखने को मिली, जिससे रुपये को कुछ हद तक समर्थन मिला।

एक फॉरेक्स विश्लेषक के अनुसार,

“अगर कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर टिकता, तो रुपये पर दबाव और बढ़ सकता था। फिलहाल तेल की कीमतें रुपये के लिए राहत का कारक बनी हुई हैं।”

शेयर बाजार की तेजी, लेकिन असर सीमित

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे आम तौर पर रुपये को मजबूती मिलती है। लेकिन इस बार शेयर बाजार की तेजी का पूरा फायदा रुपये को नहीं मिल सका।

इसकी वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा की जा रही निकासी रही। जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकालते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है।

विदेशी पूंजी निकासी बनी चुनौती

फॉरेक्स बाजार के जानकारों के मुताबिक, हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर और बॉन्ड बाजार से कुछ पूंजी निकाली है। इसका असर सीधे तौर पर रुपये की चाल पर पड़ता है।

हालांकि, दीर्घकालिक नजरिए से भारत की आर्थिक स्थिति, विकास दर और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता रुपये के लिए सहायक बनी हुई है।

आरबीआई की भूमिका पर नजर

बाजार की नजरें Reserve Bank of India (RBI) की रणनीति पर भी टिकी हुई हैं। आरबीआई आम तौर पर अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करता है, लेकिन रुपये की किसी तय कीमत को बनाए रखने का लक्ष्य नहीं रखता।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रुपये में अचानक तेज गिरावट या अस्थिरता आती है, तो केंद्रीय बैंक हस्तक्षेप कर सकता है। फिलहाल रुपये की चाल नियंत्रित दायरे में मानी जा रही है।

आने वाले दिनों में किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

आगे चलकर रुपये की दिशा कई घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें प्रमुख हैं:

  • अमेरिका के मुद्रास्फीति और रोजगार आंकड़े
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
  • कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें
  • विदेशी निवेशकों का रुख
  • घरेलू आर्थिक संकेतक और विकास अनुमान

विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में रुपया 90–91 के दायरे में बना रह सकता है, जब तक कोई बड़ा वैश्विक या घरेलू संकेत सामने न आए।

डॉलर के मुकाबले रुपये का 90.66 पर स्थिर बंद होना इस बात का संकेत है कि फिलहाल बाजार में संतुलन बना हुआ है। घरेलू शेयर बाजार की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये को सहारा मिला, लेकिन डॉलर की वैश्विक मजबूती और विदेशी पूंजी निकासी ने इसकी तेजी को सीमित कर दिया।

आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के संकेत रुपये की दिशा तय करेंगे। Economy India रुपये और फॉरेक्स बाजार से जुड़े सभी अहम अपडेट्स पर नजर बनाए रखेगा।

Source: Economy India
Tags: Economy India currency newsUSD INR exchange rateकच्चा तेल कीमतेंडॉलर बनाम रुपयाफॉरेक्स मार्केट इंडियारुपया आज का भावविदेशी निवेश निकासी
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