मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की मुलाकात, डिजिटल कनेक्टिविटी विस्तार पर हुई अहम चर्चा
रायपुर | 31 जुलाई 2026
डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र से विशेष सहयोग का अनुरोध
(Economy India): छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर राज्य में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल भारत निधि (DBN) योजना के अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दूरस्थ क्षेत्रों में मिलेगा मोबाइल और इंटरनेट का मजबूत नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक रूप से कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल एवं हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता अब केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि नए मोबाइल टावर स्थापित होने से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल भुगतान तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।
577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर जताया आभार
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति देने पर केंद्र सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां वर्षों तक संचार सुविधाएं सीमित रहीं। बेहतर नेटवर्क से प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद मजबूत होगा तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर होगी।
489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को जारी हुई एनओसी
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वीकृत 577 मोबाइल टावरों में से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी किए जा चुके हैं।
शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जिन स्थानों पर अनुमति मिल चुकी है, वहां बीएसएनएल ने मोबाइल टावर स्थापित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होने से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, युवाओं को कौशल विकास, किसानों को मौसम एवं कृषि संबंधी जानकारी तथा महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और अन्य ऑनलाइन सरकारी सेवाएं भी अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध होंगी।
डिजिटल सशक्तिकरण से बदलेगी बस्तर की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ अब डिजिटल कनेक्टिविटी को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर इंटरनेट सुविधा से स्थानीय युवाओं को ऑनलाइन रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। वहीं स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को डिजिटल बाजारों तक पहुंच आसान होगी तथा किसानों को कृषि और बाजार संबंधी जानकारी समय पर प्राप्त होगी।
तकनीक आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य तकनीक का लाभ शहरों के साथ-साथ वनांचल और दूरस्थ गांवों तक पहुंचाना है, ताकि समावेशी विकास को और मजबूती मिल सके।
प्रमुख बिंदु
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की।
- डिजिटल भारत निधि योजना के तहत 2,305 नए मोबाइल टावरों की मंजूरी का आग्रह।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर केंद्र का आभार।
- 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी।
- डिजिटल नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा।
- दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर।
Economy India Analysis
छत्तीसगढ़ में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार केवल दूरसंचार परियोजना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। यदि प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को मंजूरी मिलती है, तो दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल वित्तीय सेवाओं, ई-गवर्नेंस और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति मिलेगी। इससे राज्य के डिजिटल समावेशन और समग्र विकास को भी मजबूत आधार मिलेगा।
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