मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
रायपुर ( Economy India): छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से चार नए औद्योगिक पार्क (मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर) विकसित करने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में इन परियोजनाओं को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस पहल से राज्य में निवेश आकर्षित होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

चार जिलों में विकसित होंगे नए औद्योगिक क्लस्टर
बैठक में चार अलग-अलग जिलों में औद्योगिक पार्क स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल हैं—
- राजनांदगांव : स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
- पटेवा (धमतरी) : मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
- धूम्रपाली (जांजगीर-चांपा) : मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
- नियानार (बस्तर) : मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
इन क्लस्टरों में विभिन्न उद्योगों की स्थापना के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख बिंदु
- चार नए औद्योगिक पार्कों को राज्य सरकार की मंजूरी।
- राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में होंगे क्लस्टर विकसित।
- औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा।
- राज्य स्तरीय समिति ने परियोजनाओं को दी औपचारिक स्वीकृति।
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
यह पहल केंद्र सरकार की औद्योगिक विकास योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार अपनी औद्योगिक नीति के अनुरूप लागू कर रही है। परियोजनाओं के त्वरित अनुमोदन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव इफ्फत आरा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम
चार नए मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों की स्थापना से राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ को विनिर्माण क्षेत्र में नई पहचान मिलने की संभावना है।
(Economy India)







