नई दिल्ली (Economy India): पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में रणनीतिक हस्तक्षेपों को मजबूत करने के लिए एक आशय पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते पर नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक (आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम) रोहित कुमार और यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि अर्जन डी वाग्ट ने हस्ताक्षर किए।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु पोषण परिणामों में सुधार करना है। इसके लिए दोनों संस्थान अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करेंगे।
रोहित कुमार ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम ने विकास को तेज करने में समन्वय, सहयोग और डेटा-आधारित शासन की अहम भूमिका को साबित किया है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिलेगी।

इस साझेदारी के तहत यूनिसेफ इंडिया ‘इंपैक्ट4न्यूट्रिशन (I4N)’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर सीएसआर निवेश को पोषण से जुड़ी योजनाओं की ओर निर्देशित करेगा।
यह सहयोग विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
- आंगनवाड़ी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना
- पोषण साक्षरता को बढ़ावा देना
- आईसीडीएस सेवाओं के उपयोग में सुधार
- अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण
इसके अलावा इस पहल के अंतर्गत सीएसआर भागीदारों को जोड़ना, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का प्रसार करना भी शामिल है।
यह समझौता नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत मजबूत साझेदारी, साक्ष्य आधारित नीति और सरकार, निजी क्षेत्र तथा समुदायों के सहयोग से देश में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।







