नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026 | Economy India
भारत के सर्राफा बाजार में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। 27 फरवरी को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,075 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंच गया, जबकि एक किलो चांदी ₹6,033 महंगी होकर ₹2.66 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई।
यह तेजी सिर्फ एक दिन की नहीं है। 2026 की शुरुआत से अब तक सोना करीब ₹26,000 और चांदी लगभग ₹37,500 महंगी हो चुकी है। 29 जनवरी 2026 को दोनों कीमती धातुओं ने ऑल-टाइम हाई भी बनाया था—सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी।

2026 में क्यों लगातार चमक रहा है सोना-चांदी?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में सोना और चांदी की कीमतों में आई तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें मौद्रिक नीति, भू-राजनीतिक तनाव, निवेशकों की बदलती रणनीति और मांग-आपूर्ति का संतुलन प्रमुख हैं।
सोने-चांदी की कीमतों का ताजा हाल (IBJA डेटा)
- सोना (24 कैरेट): ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹2,66,000 प्रति किलो
- 2026 में अब तक बढ़त
- सोना: ₹25,892
- चांदी: ₹37,480
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इतनी तेज बढ़त के बावजूद निवेशकों का रुझान कमजोर नहीं हुआ है, बल्कि हर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
अक्सर निवेशकों और ग्राहकों के मन में सवाल उठता है कि जब सोना एक ही धातु है, तो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में इसके दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। इसके पीछे चार प्रमुख कारण हैं:
1️⃣ ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी कॉस्ट
सोने को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में भारी सुरक्षा और बीमा खर्च होता है। आयात केंद्रों से दूर शहरों में यह लागत ज्यादा होती है, जिससे स्थानीय कीमतें बढ़ जाती हैं।
2️⃣ क्षेत्रीय मांग का असर
दक्षिण भारत में देश की लगभग 40% सोने की खपत होती है। यहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं, जिससे उन्हें बल्क डिस्काउंट मिलता है और ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम रेट मिल सकता है।
3️⃣ लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन
हर राज्य और बड़े शहर की अपनी ज्वेलरी एसोसिएशन होती है, जो स्थानीय मांग-आपूर्ति के हिसाब से रेट तय करती है।
4️⃣ पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
जिन ज्वेलर्स के पास पुराना और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे कम कीमत पर सोना बेच सकते हैं।
2026 में सोना-चांदी क्यों महंगी हो रही है? 4 बड़े कारण
1️⃣ MCX और NSE में मार्जिन नियमों में राहत
गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर एक्स्ट्रा मार्जिन हटाए जाने से ट्रेडिंग सस्ती हुई है। इससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ी और कीमतों को सपोर्ट मिला।
2️⃣ वैश्विक तनाव और अनिश्चितता
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन वार्ता की विफलता ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानकर खरीद रहे हैं।
3️⃣ अमेरिकी फेड से ब्याज दर कट की उम्मीद
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2026 में ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए गए हैं। कम ब्याज दरों के दौर में सोने जैसी नॉन-इंटरेस्ट एसेट्स की मांग बढ़ जाती है।
4️⃣ हालिया गिरावट के बाद सस्ती खरीदारी
जनवरी के बाद आई गिरावट ने निवेशकों को आकर्षक स्तर दिए। ज्वेलर्स और संस्थागत निवेशकों ने इस मौके पर जमकर खरीदारी की।
क्या 2026 में सोना ₹1.80 लाख तक जाएगा?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है। इस पर वैश्विक निवेश बैंक UBS का अनुमान काफी चर्चा में है।
UBS के मुताबिक:
- 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा
- 2026 में यह खरीदारी 950 टन तक पहुंच सकती है
- गोल्ड ETF में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद
UBS का मानना है कि 2026 के मध्य तक सोना $6,200 प्रति औंस तक पहुंच सकता है। रुपये में देखें तो यह स्तर ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठता है।
चांदी का आउटलुक: ज्यादा उतार-चढ़ाव, लेकिन बड़ा पोटेंशियल
हालांकि चांदी को अक्सर “गरीब आदमी का सोना” कहा जाता है, लेकिन 2026 में इसकी भूमिका सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग ने चांदी को इंडस्ट्रियल मेटल के रूप में मजबूत किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहेगा
- लेकिन लॉन्ग-टर्म में रिटर्न सोने से बेहतर हो सकता है
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
🟡 लॉन्ग-टर्म निवेशक
- SIP या चरणबद्ध खरीदारी बेहतर
- गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर फोकस
🟡 शॉर्ट-टर्म ट्रेडर
- ज्यादा उतार-चढ़ाव से सावधान
- स्टॉप-लॉस अनिवार्य
🟡 ज्वेलरी खरीदार
- त्योहारी सीजन से पहले कीमतें और बढ़ सकती हैं
- जरूरत हो तो आंशिक खरीदारी करें
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
1️⃣ हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें
BIS हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि होती है।
2️⃣ कीमत क्रॉस-चेक करें
खरीद के दिन IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से रेट जरूर जांचें।
असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती
- आइस टेस्ट: बर्फ तेजी से पिघले तो चांदी असली
- स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं
- कपड़ा टेस्ट: सफेद कपड़े पर काला निशान आए तो असली
क्या यह सोने-चांदी में निवेश का सही समय है?
2026 में सोना और चांदी सिर्फ भावनात्मक या परंपरागत निवेश नहीं रह गए हैं, बल्कि ये वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच बन चुके हैं। UBS जैसे बड़े संस्थानों का अनुमान और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी इस बात का संकेत है कि कीमती धातुओं की चमक फिलहाल फीकी पड़ने वाली नहीं है।
हालांकि, निवेशकों को अति-उत्साह से बचते हुए संतुलित और दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए।
(Economy India)






