नई दिल्ली (Economy India): देशभर में ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर आज बैंकिंग सेवाओं पर भी पड़ सकता है। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका है, हालांकि देश के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सेवाएं सामान्य रखने का दावा किया है।
State Bank of India और UCO Bank ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि वे अपनी शाखाओं में सामान्य बैंकिंग परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

पटना-मधेपुरा में प्रदर्शन, लेफ्ट संगठनों का समर्थन
पटना और मधेपुरा समेत कई शहरों में 11 बैंकों के कर्मचारी सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन को वामपंथी संगठनों का भी समर्थन मिला है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग बैंकों में 5-डे वर्क वीक लागू करने की है।
5-डे वर्क वीक और लेबर कोड बना हड़ताल की वजह
बैंक यूनियनों का कहना है कि काम के बढ़ते दबाव के कारण कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस प्रभावित हो रहा है। फिलहाल बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि कर्मचारी सभी शनिवार छुट्टी की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा, केंद्र सरकार के चार नए लेबर कोड भी हड़ताल की एक बड़ी वजह हैं। यूनियनों का आरोप है कि इन कोड्स के लागू होने से कर्मचारियों के अधिकार सीमित होंगे और ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रेशन की शर्तें अधिक कठोर हो जाएंगी।
इन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ब्रांच से जुड़ी कुछ सेवाओं में दिक्कत हो सकती है:
- KYC डॉक्यूमेंट अपडेट या जमा
- बड़ी नकद जमा या निकासी
- डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना
- बैंक लॉकर का उपयोग
- फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों का समाधान
डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू
बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप के माध्यम से फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अकाउंट मॉनिटरिंग जैसे कार्य करें। यदि ब्रांच जाना आवश्यक हो, तो पहले संबंधित शाखा या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले 27 जनवरी को भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई थीं।







