दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर ₹942 का हुआ, मार्च से अब तक कुल ₹89 की बढ़ोतरी
नई दिल्ली (Economy India): देशभर के करोड़ों परिवारों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें शनिवार रात 12 बजे से लागू हो गई हैं। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई है।
यह वर्ष 2026 में घरेलू LPG कीमतों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च 2026 को सिलेंडर की कीमत में ₹60 की वृद्धि की गई थी। यानी मात्र तीन महीनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर कुल ₹89 महंगा हो चुका है।
बढ़ती ऊर्जा लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों के दबाव का असर अब सीधे घरेलू बजट पर दिखाई देने लगा है।
क्यों बढ़ाए गए LPG के दाम?
सरकारी तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण घरेलू गैस की बिक्री घाटे का सौदा बन गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि मौजूदा मूल्य वृद्धि के बावजूद वे अभी भी पूरी लागत की भरपाई नहीं कर पा रही हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट, भू-राजनीतिक तनाव और आयात लागत में वृद्धि ने LPG की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी रहने से आने वाले समय में भी ईंधन कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
प्रति सिलेंडर ₹703 के नुकसान का दावा
सूत्रों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियां प्रत्येक घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब ₹703 का नुकसान उठा रही थीं। कंपनियों का कहना है कि हालिया मूल्य वृद्धि केवल आंशिक राहत प्रदान करेगी।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि सरकार उपभोक्ताओं पर पूरी लागत का बोझ नहीं डालना चाहती, इसलिए तेल कंपनियों को कुछ नुकसान स्वयं वहन करना पड़ रहा है।
यही कारण है कि बाजार कीमतों और उपभोक्ता कीमतों के बीच अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है।

5 किलो वाले सिलेंडर भी महंगे
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के अलावा छोटे LPG सिलेंडर भी महंगे हुए हैं।
- 5 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹11 की वृद्धि।
- नई कीमत ₹821.50 निर्धारित।
- छोटे सिलेंडर का उपयोग करने वाले निम्न आय वर्ग के परिवारों पर भी असर।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अधिक पड़ेगा।
मार्च से अब तक LPG की कीमतों का सफर
| तारीख | कीमत में बदलाव |
|---|---|
| 7 मार्च 2026 | ₹60 बढ़ोतरी |
| 7 जून 2026 | ₹29 बढ़ोतरी |
| कुल बढ़ोतरी | ₹89 |
दिल्ली में:
- मार्च से पहले कीमत: ₹853
- मार्च के बाद: ₹913
- जून के बाद: ₹942
इस तरह तीन महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर लगभग 10% महंगा हो चुका है।

प्रमुख बिंदु
✅ घरेलू LPG सिलेंडर ₹29 महंगा हुआ।
✅ दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर ₹942 का हुआ।
✅ तीन महीनों में कुल ₹89 की बढ़ोतरी।
✅ तेल कंपनियों ने प्रति सिलेंडर ₹703 नुकसान का दावा किया।
✅ 5 किलो LPG सिलेंडर ₹11 महंगा हुआ।
✅ पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतें भी हाल में बढ़ी हैं।
✅ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर।
पेट्रोल, डीजल और CNG भी पहले से महंगे
LPG की कीमतों में वृद्धि ऐसे समय हुई है जब पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में:
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी।
- CNG लगभग ₹6 प्रति किलोग्राम महंगी।
- पेट्रोल पर कंपनियों को ₹11 प्रति लीटर नुकसान का दावा।
- डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर नुकसान का दावा।
हालांकि सरकार का कहना है कि वैश्विक कीमतों में हुई पूरी वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है।
घरेलू बजट पर क्या होगा असर?
LPG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा।
रसोई गैस अधिकांश परिवारों की मासिक आवश्यकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण:
- घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।
- मासिक रसोई खर्च बढ़ सकता है।
- छोटे व्यवसायों की लागत प्रभावित हो सकती है।
- महंगाई दर पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऊर्जा कीमतों में वृद्धि अक्सर खाद्य पदार्थों और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित करती है।

LPG की कीमत कैसे तय होती है?
घरेलू LPG की कीमतें कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती हैं:
1. अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतें
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपया
रुपये की कमजोरी आयात लागत बढ़ा देती है।
3. परिवहन और वितरण लागत
गैस को आयात करने, बॉटलिंग करने और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का खर्च शामिल होता है।
4. सरकारी नीतियां
सब्सिडी, कर और अन्य नीतियां अंतिम कीमत को प्रभावित करती हैं।
5. तेल कंपनियों की लागत
कंपनियां बाजार परिस्थितियों और लागत के आधार पर मूल्य संशोधन करती हैं।
ऊर्जा बाजार में आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में LPG और अन्य ईंधन कीमतों की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर निर्भर करेगी।
यदि वैश्विक कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो उपभोक्ताओं को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कीमतों में नरमी आने पर राहत मिलने की संभावना है।
फिलहाल, घरेलू LPG कीमतों में हुई नई वृद्धि ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है और बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू बजट को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
(Economy India)







