14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता के समापन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संदेश
रायपुर/दुर्ग (Economy India): छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही है, ताकि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके। यह स्पष्ट संदेश मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने दुर्ग में आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025–26 के भव्य समापन समारोह में दिया।
इस अवसर पर उन्होंने न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की, बल्कि खेलों को अनुशासन, रोजगार, सामाजिक समावेशन और आर्थिक विकास से जोड़ते हुए राज्य सरकार की दीर्घकालिक सोच को भी रेखांकित किया।

पुलिस बल और खेल: अनुशासन की दोहरी पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस जवान देश की कानून-व्यवस्था की रीढ़ होने के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उनकी शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और अनुशासन का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि पुलिस खेल प्रतियोगिताएं न केवल आपसी समन्वय और सौहार्द बढ़ाती हैं, बल्कि बलों के भीतर फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी मजबूत करती हैं।
14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सशस्त्र बलों से आए खिलाड़ियों ने उच्च स्तर का प्रदर्शन किया, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय खेल कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।
छत्तीसगढ़ और तीरंदाजी: परंपरा से आधुनिकता तक
छत्तीसगढ़ का जनजातीय समाज ऐतिहासिक रूप से धनुर्विद्या और तीरंदाजी से जुड़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खेल राज्य की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
सरकार का प्रयास है कि इस पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग और विश्वस्तरीय अधोसंरचना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जाए।
इसी दृष्टि से:
- जशपुर में आर्चरी एकेडमी का विकास
- नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का निर्माण
- आधुनिक शूटिंग रेंज, हॉस्टल, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट और कोचिंग सिस्टम
जैसी पहलों पर काम किया जा रहा है।
खेल अधोसंरचना: केवल स्टेडियम नहीं, एक पूरा इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि खेल अधोसंरचना का अर्थ केवल स्टेडियम या मैदान बनाना नहीं है।
सरकार एक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
- प्रशिक्षण और प्रतिभा पहचान (Talent Identification)
- खेल विज्ञान, पोषण और फिजियोथेरेपी
- प्रशिक्षित कोच और तकनीकी स्टाफ
- खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता
- प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर
यह मॉडल युवाओं को खेल को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
युवाओं के लिए करियर और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल आज केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं।
स्पोर्ट्स सेक्टर में कोचिंग, मैनेजमेंट, फिटनेस ट्रेनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, मीडिया और स्पोर्ट्स टूरिज्म जैसे अनेक रोजगार अवसर सृजित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की नीति है कि:
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़ा जाए
- उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं
- खेल के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सामाजिक मुख्यधारा में भागीदारी बढ़े
ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की तैयारी
राज्य सरकार ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आकर्षक प्रोत्साहन राशि और सुविधाएं प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोत्साहन केवल सम्मान नहीं, बल्कि भावी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी:
- राष्ट्रीय टीमों में नियमित रूप से स्थान बनाएं
- ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में राज्य का प्रतिनिधित्व करें
प्रतियोगिता का समापन और विजेता टीमें
समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छह टीमों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:
- CISF
- राजस्थान
- CRPF
- उत्तर प्रदेश
- BSF
- ITBP
मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और सहभागी टीमों को बधाई देते हुए कहा कि खेल भावना और अनुशासन ही इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर राज्य सरकार और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें:
- स्कूल शिक्षा मंत्री
- जनप्रतिनिधि
- पुलिस महानिदेशक
- आयोजन समिति के वरिष्ठ अधिकारी
शामिल थे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए मॉडल इवेंट बताया।
खेल नीति और राज्य की विकास रणनीति
विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल अधोसंरचना पर दिया जा रहा जोर राज्य की समग्र विकास रणनीति का हिस्सा है।
खेलों के माध्यम से:
- स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार
- युवाओं को नशा और हिंसा से दूर रखना
- सामाजिक एकता और सकारात्मक पहचान बनाना
जैसे व्यापक सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलते हैं।
Economy India Analysis: क्यों अहम है यह पहल?
Economy India के विश्लेषण के अनुसार, खेल अधोसंरचना में निवेश:
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देता है
- निर्माण, सेवाओं और पर्यटन से जुड़े सेक्टर को बढ़ावा देता है
- मानव पूंजी (Human Capital) को मजबूत करता है
छत्तीसगढ़ जैसे उभरते राज्य के लिए यह रणनीति लंबी अवधि में उच्च सामाजिक प्रतिफल (Social Returns) देने वाली मानी जा रही है।
खेलों से सशक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में कदम
14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का समापन केवल एक खेल आयोजन का अंत नहीं था, बल्कि यह संकेत था कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को नीति, निवेश और पहचान के स्तर पर गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह संदेश स्पष्ट है कि
“खेल, अनुशासन और अवसर — यही विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद हैं।”
(Economy India)







