18 दिनों में ₹1.46 लाख की बड़ी गिरावट; सोना ₹1,315 चढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम
नई दिल्ली ( Economy India): सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सोमवार, 16 फरवरी को चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने में सीमित रिकवरी देखने को मिली।
India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी ₹2,949 सस्ती होकर ₹2,39,484 पर आ गई। इससे पहले शुक्रवार को इसका भाव ₹2,42,433 प्रति किलो था।
वहीं, 24 कैरेट सोना आज ₹1,315 की बढ़त के साथ ₹1,54,080 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो शुक्रवार को ₹1,52,765 था। हालांकि, हालिया उतार-चढ़ाव के बीच पिछले तीन कारोबारी सत्रों में चांदी ₹26,965 और सोना ₹3,242 सस्ता हो चुका है।

ऑल-टाइम हाई से कितनी फिसली कीमतें?
सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को दोनों कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे।
- सोना: ₹1,76,121 प्रति 10 ग्राम (ऑल-टाइम हाई)
- चांदी: ₹3,85,933 प्रति किलो (ऑल-टाइम हाई)
तब से अब तक:
- सोना ₹22,041 सस्ता हो चुका है
- चांदी में ₹1,46,449 की भारी गिरावट आ चुकी है
यह गिरावट निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों — दोनों के लिए अहम संकेत मानी जा रही है।
चांदी में इतनी तेज गिरावट क्यों?
बाजार जानकारों के अनुसार, चांदी में गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
- अमेरिकी मुद्रास्फीति और रोजगार आंकड़ों में मजबूती
- फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की आशंका
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती
- औद्योगिक मांग को लेकर अस्थायी अनिश्चितता
इन फैक्टर्स ने चांदी जैसी इंडस्ट्रियल-कम-प्रेशियस मेटल पर ज्यादा दबाव डाला, जबकि सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) का सीमित सपोर्ट मिला।
अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों होते हैं?
IBJA द्वारा जारी कीमतों में:
- 3% GST
- मेकिंग चार्ज
- ज्वेलर्स का मार्जिन
शामिल नहीं होता। इसी वजह से अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के रेट अलग दिखते हैं।
इन IBJA रेट्स का इस्तेमाल:
- Reserve Bank of India (RBI) द्वारा सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के मूल्य निर्धारण में
- कई बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की कीमत तय करने में
किया जाता है।
निचले स्तर पर शुरू हुई खरीदारी
पिछले कुछ सत्रों में:
- सोना करीब 15% तक फिसल चुका था
- चांदी में इससे भी तेज गिरावट आई
अब कीमतों में स्थिरता के संकेत मिलते ही निचले स्तर पर खरीदारी देखने को मिल रही है।
हालांकि, विशेषज्ञों की राय है कि:
“इस समय सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचना चाहिए। चरणबद्ध (Systematic) निवेश ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहेगा।”
निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें, क्या नहीं?
क्या करें:
- SIP या चरणबद्ध तरीके से निवेश
- लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो में सीमित अलोकेशन
- भौतिक सोने के साथ ETF / SGB जैसे विकल्पों पर भी विचार
क्या न करें:
- एक साथ बड़ी रकम निवेश
- शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव के आधार पर घबराहट में फैसले
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1️⃣ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड सोना ही लें।
हॉलमार्क अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे – AZ4524, जिससे कैरेट की शुद्धता सुनिश्चित होती है।
2️⃣ कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें
खरीद के दिन:
- वजन
- 24, 22 या 18 कैरेट के हिसाब से भाव
को IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से जरूर मिलान करें।
असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती
- आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है
- स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती
- क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो असली
भारतीय घरों में GDP से ज्यादा का सोना
एक अलग लेकिन अहम तस्वीर यह भी है कि भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कुल वैल्यू अब देश की GDP से भी ज्यादा हो चुकी है।
Morgan Stanley की रिपोर्ट के अनुसार:
- भारतीय घरों में करीब 34,600 टन सोना जमा है
- कुल वैल्यू $5 ट्रिलियन (₹450 लाख करोड़) से अधिक
- भारत की GDP करीब $4.1 ट्रिलियन (₹370 लाख करोड़)
रिकॉर्ड हाई कीमतों ने इस वैल्यू को और बढ़ाया है।
Economy India View
सोना और चांदी दोनों ही लॉन्ग-टर्म में भारतीय निवेशकों की पसंद बने रहेंगे, लेकिन मौजूदा दौर में धैर्य, चरणबद्ध निवेश और सही टाइमिंग सबसे अहम है।
चांदी में आई तेज गिरावट जहां जोखिम बढ़ाती है, वहीं यह लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर भी पेश कर सकती है।
(Economy India)







